Acharya R. K. Mishra is a Leader in Astrology Know more..

गर करण

  • गर करण
  • देवता : भू (पृथ्वी)
  • समवर्ती नक्षत्र : ज्येष्ठ
  • संक्षेप में अभिप्राय : - सुन्दर, शारीरिक दुर्बल, दुर्बल ।
  • वाचाल, बहुत बोलने वाला।
  • बुद्धिमान सलाहकार, मंत्रों के विज्ञान में निपुण होगा (धार्मिक ग्रंथ), कृषि में रुचि, गृहों का निर्माण करना, न्यायपूर्ण, निपुण, तेज, तीव्र ।
  • शक्तिशाली, बहादुर, निडर, शत्रुहीन, प्रसिद्ध, राजाओं द्वारा प्यार किया जाना, लोगों द्वारा प्यार किया जाना, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करना ।
  • सम्बन्धियों को सहारा देना।
  • सभी वस्तुएँ जो उन्हें पसन्द है, प्रयत्न द्वारा प्राप्त करते हैं।
  • प्रवृत्ति में अस्थिर, अस्थिर ।
  • युद्धरत, झगड़ालू, बुरे व्यक्ति ।
  • बृहत् संहिताः गर में व्यक्ति को जमीन पर खेती, बीज रोपना और गृहों का निर्माण और उसी प्रकार की वस्तुएँ करनी चाहिए।
NextGen Digital Welcome to WhatsApp chat
Howdy! How can we help you today?
Type here...