किंस्तुघ्न करण किंस्तुघ्न करण देवता : मारुत (वायु) समवर्ती नक्षत्र : स्वाति संक्षेप में अभिप्राय : || दीर्घायु (साथ ही : अल्प आयु)। शक्तिशाली, बहादुर …
नाग करण नाग करण देवता : फनिन (सर्प) समवर्ती नक्षत्र : अश्लेषा संक्षेप में अभिप्राय : अच्छी दृष्टि से सम्पन्न, सम्भवतः अप्रामाणिक । अत्यधिक शक…
चतुष्पाद करण चतुष्पाद करण देवता : वृष समवर्ती नक्षत्र : रोहिणी संक्षेप में अभिप्राय : दीर्घायु । अधिक बोलने वाला। शक्तिशाली, प्रसिद्ध, शक्तिशाली, अत…
शकुनि करण शकुनि करण देवता : काली समवर्ती नक्षत्र : अश्लेषा संक्षेप में अभिप्राय : अति बुद्धिमान, ज्ञान युक्त, हमेशा कार्य में सक्रिय, ज्योतिषी, …
विष्टि करण विष्टि करण देवता : यम (मृत्यु) । समवर्ती नक्षत्र : भरणी संक्षेप में अभिप्राय : | रोमांचक, निडर, आत्म-निर्भर, स्वतन्त्र, सहनशील | सभी कार…
वणिज करण वणिज करण देवता : श्री धन की देवी) समवर्ती नक्षत्र : श्रवण संक्षेप में अभिप्राय - चतुर वक्ता। बुद्धिमान, अनेक व्यापारिक गतिविधियों का ज्ञात…
गर करण गर करण देवता : भू (पृथ्वी) समवर्ती नक्षत्र : ज्येष्ठ संक्षेप में अभिप्राय : - सुन्दर, शारीरिक दुर्बल, दुर्बल । वाचाल, बहुत बोलने वाला। …
तैतिल करण तैतिल करण : देवता : आर्यमान समवर्ती नक्षत्र : उत्तरा फाल्गुनी संक्षेप में अभिप्राय : - दुर्बल, कोमल, सूक्ष्म शरीर । वासना पसन्द करेगा। …
कौलव करण कौलव करण : देवता : मित्र समवर्ती नक्षत्र : अनुराधा संक्षेप में अभिप्राय : - छोटे बाल वाला। - निर्भीक, शक्तिशाली, गजों और अश्वों आदि की सवारी के…
बालव करण बालव करण देवता : ब्राह्मण समवर्ती नक्षत्र : रोहिणी संक्षेप में अभिप्राय : - सुन्दर, अल्प आयु वाला, अल्प दृष्टि वाला। बहादुर, निर्भीक, अति सा…
बव करण बव करण देवता : इन्द्र समवर्ती नक्षत्र : ज्येष्ठ संक्षेप में अभिप्राय : - विकृत अंग, दीर्घायु । - शक्तिशाली, निर्भीक, पराक्रमी, राजा के समान …