Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Test link
Watermark
Logo

दिव्य त्रिकाल ज्योतिष केंद्र

Divya Trikal Jyotish Kendra
जन्म कुंडली • हस्त रेखा • वास्तु • पूजा/अनुष्ठान
Janm Kundali • Hast Rekha • Vastu • Pooja/Anushthan
॥ ॐ गणेशाय नमः ॥
Ref: Loading...
Date:
Loading...
यह प्रिंट टेम्पलेट Blogger पोस्ट के Label Name और Post Name को स्वतः भर देगा।
Kumud Ranjan Mishra
Astrologer & Vastu Expert
QR

बव करण

  • बव करण
  • देवता : इन्द्र समवर्ती नक्षत्र : ज्येष्ठ
  • संक्षेप में अभिप्राय : - विकृत अंग, दीर्घायु ।
  • - शक्तिशाली, निर्भीक, पराक्रमी, राजा के समान और सेना का अध्यक्ष, सेनानायक।
  • - नम्र, धीरे, विशाल हृदय, उदार, प्रसन्न, स्थिर, धार्मिक, मांगलिक कार्यों को करना ।
  • - प्रसिद्ध, सभी द्वारा सम्मान प्राप्त करना, राजाओं और धनवानों द्वारा सम्मान प्राप्त करना।
  • - अमीर (साथ ही गरीब)। - जंगलों और किलों में यात्रा करना, एक स्थान पर नहीं ठहरना। - अभागा ।। - किशोर सम्बन्धी कार्यों में व्यस्त रहेगा, धार्मिक और पवित्र चरित्र का परित्याग करेगा।
  • - प्रशनसूचक जन्म का । - मदोन्मत करना, उन्मादक स्त्रियों का आनन्द उठाना, अत्याधिक कामुक होगा।
  • बृहत् संहिताः बव करण में व्यक्ति को मंगलकारी, अस्थायी, स्थायी कार्य करने चाहिए और वह वस्तुएँ जो व्यक्ति के स्वास्थ्य और शक्ति को बढ़ाए।
NextGen Digital Welcome to WhatsApp chat
Howdy! How can we help you today?
Type here...